Qutub Ansari / Sun, Oct 20, 2024 / Post views : 107
जरवल/बहराइच। चन्द्र देव के दर्शन के साथ सुहागिन महिलाओं ने पतियों के हाथ से करवा चौथ के निराजली व्रत को तोड़ते हुए उनके लम्बी उम्र के लिए ईश्वर से कामना की जानकारों का मानना है कि करवा चौथ इसका मतलब पति पत्नी को पहले मिट्टी के बर्तन से चंद्रमा को जल देना होता है जिस कारण मिट्टी के बर्तन को करवा कहा जाता है l साथ ही हिन्दू कैलेंडर के अनुसार जिस तिथि या तिथि मे यह किया जाता है वह चतुर्थी(पूर्णिमा चक्र के बाद का चौथा दिन) है l इसलिए इसे करवा चौथ कहा जाता है दीपो भरे दीपावली की शुरुवात भी करवा चौथ से शुरू हो जाती है जिसमे महिलाए अपने अपने घरों मे तरह तरह के व्यंजन (पकवान) भी बनाती है तथा घरों की साफ सफाई कर रंग रोगन के साथ आधुनिक बनाने में कोई भी कोर कसर बाकी नहीं रखती।लोगो का मानना है कि करवा चौथ के बाद दीपावली पर्व पर लोगो के घरों पर माता लक्ष्मी जी जरूर पधारती है साफ सफाई देख कर धन की देवी माता लक्ष्मी प्रसन्न भी होती है।
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