शकील अंसारीनानपारा/बहराइच l नगर के मोहल्ला तोपखाना में सफीर नानपारवी के मकान पर अंजुमन गुलज़ार-ए-अदब नानपारा की तरही नशिस्त का आयोजन किया गया ,मिसरा था- तू मुझसे ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ।
सदारत सहाफ़ी व शायर शकील अंसारी "मकी नानपारवी" ने की। मेहमान खुसूसी शायर व अदीब शारिक रब्बानी रहे। निज़ामत शायर व साहित्यकार रोशन ज़मीर ने की।
इस मौके पर शायर एवं साहित्यकार रोशन जमीर ने कहा उससे कलीम हाल पे फिर जाकर बात कर- फिर उसका हुक्म क्या है सुनाने के लिए आ। मशहूर शायर शरीक रब्बानी ने कहा प्यार के दो बोल भी मुझको सुना दोगे अगर - तेरे कदमों पर सारिक मैं फ़िदा हो जाऊंगा। शकील अंसारी मकी नानपारवी ने कहा साज़िश से खिजाओं की जो सूख चुके हैं- फिर बाग ए मुहब्बत वो लगाने के लिए आ । कैफ़ नानपारवी ने कहा उलझे रहेंगे गैसूए पूरनम से कब तलक- बिगड़ी मेरी तकदीर बनाने के लिए आ। अयूब अंसारी ने कहा फिर साहिबे ईमान पर ग़ालिब है वो बातिल - मोहमूद कहां है तू बचाने के लिए आ।। सफ़ीर नानपारवी ने कहा टूटे कहीं ना आरजू दिल की मेरे सफ़ीर- सोया हुआ जमीर जगाने के लिए आ। शम्स नानपारवी ने कहा कोई तो मेरे यार से जाकर यही कह दे- तू मुझसे खफा है तो जमाने के लिए आ। मोहम्मद आसिफ खान ने कहा आग नफरत की दिलों से बुझाने के लिए आ -एक बार दिल को दिल से मिलाने के लिए आ। नवाज बहराइची ने कहा तुझको नहीं है प्यार की तौफीक ना सही- नफरत के तीर मुझ पर चलने के लिएआ।
नशिस्त में शोरा के अलावा लल्लन अंसारी, हलीम अन्सारी, अबरार, चन्द्रभाल और छोटकऊ मंसूरी आदि ने शिरकत की।