Qutub Ansari / Fri, Nov 15, 2024 / Post views : 100
लियाकत अली 
रिसिया/बहराइच l थाना रिसिया क्षेत्र अन्तर्गत सुधेश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के सामने 9 तारीख को हुई दुर्घटना में चार लोगों की मौत हुई जो की एक ही परिवार के थे। भास्कर के टीम ने मृतकों के घर पहुंचकर उनके पिता वा घर वालों से बात की। मृतकों के पिता (रामा) व उनके घर वालों का कहना है की। मेरी पत्नी, मेरा बेटा, वा मेरा पोता उस दुर्घटना में मारे गए, जिसकी जिम्मेदार वो स्टील फैक्ट्री है जिसके सामने हादसा हुआ। मृतकों के परिवारजनों का कहना है की, फैक्ट्री के सामने जो अवैध पार्किंग का खेल चल रहा है, जिसपर जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए है, वही है इस दुर्घटना का जिम्मेदार। परिवार के एक और सदस्य का कहना है की, दुर्घटना के कुछ समय पहले मैं उसी रस्ते से आया था, और मैने देखा था की सैकड़ों ट्रक, सड़क के दोनों साईड खड़े थे, और जब मैं अपने घर पहुंचा तो मुझे सूचना मिली की दुर्घटना हो गई और 3 लोगों की घटनास्थल पर मौत होगई है। वहीं इस मामले को लेकर समसातरहर निवासी जितेंद्र चौहान (जनवादी पार्टी जिलाध्यक्ष) का कहना है की, स्टील फैक्ट्री की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इससे पहले भी कई दुर्घटनाएं हुई, जिसमें कुछ लोग मारे गए और कुछ लोग घायल भी हुए। वहीं फैक्ट्री की वजह से आसपास प्रदूषण काफी फैल रहा है जिसके चलते लोगों की स्किन भी खराब हो रही है।जीसको लेकर हमने फैक्ट्री के खिलाफ कई बार जिला प्रशासन को शिकायती पत्र दिया है। परन्तु अबतक ना ही फैक्ट्री के मालिक पर कार्यवाही हुई और ना ही अवैध पार्किंग को रोका गया। मृतक के परिजनों का कहना है की, हम लोग इस मामले की जांच सीबीआई से कराएंगे। क्योंकि दुर्घटना के बाद ट्रक ड्राईवर स्टील फैक्ट्री में छिपा था। और फैक्ट्री ने ही ड्राईवर को बचाया और शरण दिया है। मृतकों के परिजनों का कहना है की चार लोगों की मौत का अगर कोई जिम्मेदार है तो ओ स्टील फैक्ट्री है। वहीं इस दुर्घटना के बाद भास्कर की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर कुछ लोगों से बात किया था, जिसमें लोगों का कहना था की, फैक्ट्री के अवैध पार्किंग की वजह से ही दुर्घटनाएं हो रही हैं। जिसके बाद बहराइच पुलिस ने जवाब में कहा की पार्किंग की गई गाड़ियों का चालान किया जा रहा है, वहीं फैक्ट्री के मालिक को सख्त हिदायत भी दी गई है। परन्तु सवाल ये है की, जब दुर्घटना के बाद रोड पर गाडियां थी ही नहीं तो चालान कैसे किया गया। क्या चार लोगों के जान की कीमत, सिर्फ चालान और हिदायत ही हो सकती है।
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