Qutub Ansari / Sun, Mar 23, 2025 / Post views : 99
जरवल/बहराइच। जरवल के गायत्री आश्रम, श्रीरामपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के पाँचवें दिन भक्तों ने कंस वध और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का आनंद लिया। कथा व्यास ऋषि तिवारी ने जब श्रीकृष्ण द्वारा कंस के संहार का वर्णन किया तो पूरा पंडाल "जय श्रीकृष्ण" के जयघोष से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि यह केवल पौराणिक कथा नहीं बल्कि अन्याय पर धर्म की विजय का संदेश है। इसके बाद रुक्मिणी विवाह प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसमें श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मिणी का हरण कर विवाह करने की कथा को अत्यंत रोचक और भावनात्मक ढंग से सुनाया गया। उन्होंने बताया कि यह प्रसंग प्रेम, साहस और नारी सम्मान का प्रतीक है। जब भजन "शुभ विवाह मंगलम… कृष्ण रुक्मिणी संगम..." गाया गया, तो श्रोता भक्ति रस में डूब गए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियाँ अर्पित कीं, और यजमान मानसिंह वर्मा एवं उनकी पत्नी शर्मा देवी ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ अर्जित किया। आयोजक मानसिंह वर्मा ने बताया कि 24 मार्च को सायंकाल 06 बजे से दीपमहायज्ञ आयोजित किया जाएगा, जिसमें शान्तिकुञ्ज, हरिद्वार के प्रतिनिधियों की टोली द्वारा असंख्य दीपों के महयज्ञ के माध्यम से मानव.जीवन को प्रकाशित करने का सूत्र बताया जाएगा।
इस आध्यात्मिक आयोजन में डा. अमरनाथ विश्वकर्मा, ओम प्रकाश अवस्थी, प्रशांत कुमार अग्निहोत्री, आदि मौजूद रहे।
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