Qutub Ansari / Thu, Oct 10, 2024 / Post views : 93
बहराइच l जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएल वर्मा की अध्यक्षता में "चार की बात" कार्यक्रम के अंतर्गत रामकृष्ण परमहंस महाविद्यालय कैसरगंज में एचआईवी जागरूकता हेतु एक प्रभावी फ्लैश मोब का आयोजन किया गया। इस दौरान, छात्र-छात्राओं ने एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए उत्साह से नारेबाजी की और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर डॉ. एमएल वर्मा ने कहा कि एचआईवी एक वायरस है जो मानव प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है। यह शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को कम करता है। अगर इसे समय पर नियंत्रित न किया जाए, तो यह एड्स में बदल सकता है। एड्स एचआईवी संक्रमण का अंतिम चरण है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इतनी कमजोर हो जाती है कि व्यक्ति सामान्य संक्रमणों और बीमारियों से भी नहीं लड़ सकता। उन्होंने कहा कि इस वायरस से बचाव ही सुरक्षा की पहली शर्त है। चार बातें रोकेंगी प्रसार - डॉ. एमएल वर्मा ने कहा कि "एचआईवी/एड्स यह चार प्रमुख कारणों से फैलता है, लेकिन चार सरल उपायों से इससे बचा जा सकता है, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त का चढ़ाया जाना, संक्रमित सुई/सिरिंज का प्रयोग, और गर्भवती महिलाओं से उनके बच्चों में संक्रमण का खतरा, इसके चार प्रमुख कारण हैं। इनसे बचने के लिए प्रमुख चार उपाय जैसे असुरक्षित यौन संबंध के दौरान कंडोम का प्रयोग, लाइसेंस प्राप्त रक्त बैंकों से रक्त लेना, नई सुई या सिरिंज का इस्तेमाल करना, और डॉक्टर की देखरेख में प्रसव कराना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षा और जागरूकता से ही हम एचआईवी/एड्स के प्रसार को रोक सकते हैं और इस गंभीर संक्रमण से बच सकते हैं। एचआईवी के शुरुआती लक्षण - बुखार सिरदर्द गले में खराश सूजी हुई लिम्फ ग्रंथियाँ थकान शरीर पर रैशेस मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
एचआईवी का उपचार- जिला समन्वयक टीबी ओमेंद्र तिवारी ने बताया कि एचआईवी का अभी तक कोई पूर्ण इलाज नहीं है, लेकिन एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी द्वारा इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यह वायरस की वृद्धि को धीमा करता है और व्यक्ति की जीवन प्रत्याशा को बढ़ाता है। इसके लिए जिला अस्पताल के कमरा नंबर 19 में सम्पर्क किया जा सकता है।
इस आयोजन में जिला प्रबंधक टीबी, रवि शर्मा, और काजी कमाल मुस्तफा, एसटीएस कैसरगंज , महाविद्यालय की तरफ से उप प्राचार्य श्री देवेन्द्र कुमार उपाध्यआय, प्रोफ़ेसर संध्या सिंह, प्रोफ़ेसर शेखर श्रीवास्तव, कार्यालय अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिंह, सहायक लेखा अलोक कुमार सिंह सहित स्कूली बच्चे उपस्थिति रहे।
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