Qutub Ansari / Sun, Oct 20, 2024 / Post views : 77
अशोक सोनी
मिहीपुरवा/बहराइच l कतर्निया घाट वन्यजीव प्रभाग में विगत एक माह से मानव वन जीव संघर्ष पर विराम लगा है l वन विभाग की सक्रियता की वजह से लगातार आतंक का पर्याय बने तेंदुआ को पिंजरे में कैद किया जा रहा है l मालूम हो की 26/ 27 सितंबर की रात सुजौली में साहिबा पर प्रथम घटना होने पर तथा दूसरी घटना धर्मपुर बेझा में कन्हैया पुत्र जगजीवन की मृत्यु एवं तीसरी घटना सुजौली क्षेत्र के 1/2 अक्टूबर 24 की रात बुजुर्ग महिला रहमाना पर हुई तेंदुए हमले के कारण वन विभाग ने लगातार इसे संज्ञान में लिया तथा जिला अधिकारी के निर्देशन में कतरनिया क्षेत्र में वन्य जीव संघर्ष पर विराम लगाने के निर्देशन में प्रभागीय वन अधिकारी बी शंकर प्रसाद के निर्देश में रेंज अधिकारी ककरहा डीपी कनौजिया के नेतृत्व में ककरहा रेंज में यह चौथा तेंदुआ कैद किया गया है l मालूम हो कि विगत घटनाओं के बाद 29/30 की रात एक नर तेंदुआ, 2 अक्टूबर को एक मादा, तीन चार अक्टूबर को नर तेंदुवा, 9/10 की रात मादा, 17 /18 की रात को नर तेंदुवा 20 अक्टूबर की रात आज मादा तेंदुआ को कैद किया गया l रेंज अधिकारी ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशन पर लगातार मानव जीव संघर्ष रोकने के निर्देशन में गस्त जारी रही तथा तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए थे जिसमें यह आज ककरहा रेंज में चौथा एवं कतर्निया घाट वन जीव प्रभाग क्षेत्र में छठा तेंदुआ कैद हुआ है l इस तरह तेंदुए के पकड़े जाने की वजह से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है वहीं क्षेत्र में इस वक्त तेंदुए की हमले पर रोक लगी हुई है l इस तरह वन विभाग भी सक्रिय है इससे जंगल क्षेत्र के आबादी में लोग खुश नजर आ रहे हैं l इसी तरह सुजौली क्षेत्र में भी तेंदुए के पकड़े जाने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
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