09 लाख 25 हजार 06 सौ 23 रुपये वित्तीय अनियमितता,नोटिस हुई जारीअशोक सोनीजरवल/बहराइच l जरवल विकास खण्ड में सरकारी धन की लूट मची हुई है। ग्राम प्रधान, सचिव और जेई आरएस मिलकर विकास के लिए आए सरकारी धन का बंदरबांट कर लेते हैं। डीपीआरओ की जांच में नौ लाख रुपए से अधिक की अनियमितता सामने आई है। संबंधित को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
जरवल विकास खण्ड के ग्राम पंचायत गण्डारा के विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत गांव निवासी राम सेवक, हसीब और कदीर ने विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत जिलाधिकारी मोनिका रानी से की थी। डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने जिला उद्यान अधिकारी और सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग की दो सदस्यीय टीम बना दी। टीम ने जांच करने के बजाय फोटो खींचकर मामले को रफादफा करने में लगी रही।शिकायतकर्ता ने पुनः जिलाधिकारी से मिलकर जांच टीम पर सही से जांच न करने का आरोप लगाया। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी राघवेंद्र द्विवेदी को जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने जरवल के एडीओ पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रधान एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में इण्टर लाकिंग, एलईडी लाइट, हैण्डपम्प रिबोर समेत ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की जांच की।एडीओ पंचायत की जांच में इण्टर लाकिंग निर्माण में गडबडी अनियमितता पायी गई। जेई आरएस की मिलीभगत से फर्जी एमबी बनवाकर लाखों रुपये का पेमेंट करवा लिया गया। एलईडी लाइट का पैसा निकाल लिया गया, लेकिन सत्यापन में लाइटें लगी नही मिली। इण्डिया मार्का हैण्डपम्प कागज में रिबोर कराकर प्रधान, सेक्रेटरी सरकारी पैसा डकार गए। डीपीआरओ की जांच में 9 लाख 25 हजार 623.00 रुपये के घपले का खुलासा हुआ है। डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट में 2 लाख 42 हजार 734.33 रुपए ग्राम पंचायत अधिकारी अरुण कुमार वर्मा,65 हजार 806.67 रुपए शिखा श्रीवास्तव, ग्राम पंचायत अधिकारी, 2 लाख 68 हजार 981.00 रूपए ग्राम प्रधान गण्डारा जैबुन्निशां, 39 हजार 560.00 रुपये राजेश कुमार सिंह,सहायक अधिकारी (आईएसबी) / प्रशासक एवं 3 लाख 08 हजार 541.00 रूपये तत्कालीन अवर अभियन्ता / तकनीकी सहायक पर गलत रिपोर्ट बनाकर अधिक खर्च करने का खुलासा हुआ है। डीपीआरओ ने कार्यवाही के लिए जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।