Qutub Ansari / Thu, Apr 10, 2025 / Post views : 93
जरवल/बहराइच। अचानक तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि से किसानों के चेहरे पर बल पड़ गया है जिसकी वजह है कि तमाम किसान गेहूं की फसल खेतों में काटकर वही पर जो डाल दिया है जिनके भीग जाने से किसानो की हांड तोड़ मेहनत पर पानी फिर गया है।साथ ही गेहूँ की बालियों को सही से सुखाया न गया तो गेहूँ की बीज काले तो होंगे ही उसके भूसा को जानवर भी खाना पसन्द नही करेगें। वही दूसरी तरफ फलो के राजा कहे जाने वाले आम की फसलो पर भी तेज आँधी का असर कम नही पड़ा जिससे आम के पेड़ों से काफी मात्रा में टिकोरे गिर चुके हैं। हां इतना जरूर रहा कि तेज हवाओं के बाद मौसम में जो अचानक करवट बदला है जिससे आमजन चिपचिपाहट भरी गर्मी और लू के थपेड़ो से लोगों को राहत जरूर महसूस की है।
बॉक्स "जिन किसानों ने अपनी गेहूँ की फसल को काट कर खेत मे डाल रखा है उन्हे सूखा ले नही तो गेहूँ खाने योग्य नही होगा उसका भूसा भी जानवर नही खायेगे रही बात आम की फसलों का तो 15 से 20 प्रतिसत नुकसान हुआ है काफी टिकोरे भी गिर चुके हैं अभी घाघराघाट आदि गाँव मे खुद इसका सर्वे कर रहा हूँ कि फसलों का कितना नुकसान हुआ है" डॉ संदीप कुमार कनॉजिया वरिष्ठ वैज्ञानिक(कृषि)बहराइच
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