Qutub Ansari / Sat, Nov 23, 2024 / Post views : 85
क़ुतुब अंसारी 
बहराइच l जनपद के चार ब्लॉकों जरवल, कैसरगंज, बलहा और मिहींपुरवा में खसरा और रूबेला टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों को पहली और दूसरी डोज लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में सीएमओ ने बताया कि हेड काउंट सर्वे पूरा कर लिया गया है। इस सर्वे के अनुसार, 6780 बच्चों को खसरा और रूबेला का टीका लगाया जाएगा। सीएमओ ने कहा, “खसरा और रूबेला टीका बच्चों को इन जानलेवा बीमारियों से बचाने में बेहद प्रभावी है। खसरा एक खतरनाक बीमारी है, जो बुखार, चकत्ते और निमोनिया जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। वहीं, रूबेला वायरस खासतौर पर बालिकाओं के लिए खतरनाक है। यदि किसी लड़की को बचपन में रूबेला का संक्रमण हो जाता है, तो आगे चलकर गर्भावस्था के दौरान उसके शिशु में जन्मजात रूबेला सिंड्रोम (सीआरएस) का खतरा बढ़ जाता है। सीआरएस के कारण नवजात शिशु को जन्मजात हृदय रोग, सुनने की समस्या, दृष्टिहीनता और मानसिक विकास में बाधा जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। खसरा और रूबेला का टीकाकरण न केवल बच्चों को इन जटिलताओं से बचाता है, बल्कि उनकी माताओं और भविष्य की पीढ़ियों को भी सुरक्षित करता है।” जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एसके सिंह ने कहा, “इस अभियान के तहत टीकाकरण सत्र बुधवार और शनिवार के नियमित टीकाकरण दिवसों को छोड़कर अन्य कार्य दिवसों में आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए 882 सत्र निर्धारित किए गए हैं। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है, और सभी माता-पिता से अपील है कि वे अपने बच्चों को यह टीका अवश्य लगवाएं।” बैठक में डब्ल्यूएचओ एसएमओ डॉ. विपिन लिखोरे, यूनिसेफ से डीएमसी दिलीप मिश्रा और यूएनडीपी से राजकुमार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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