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: मंडल की पहली सीएचसी, नानपारा को मिला इंक्वास प्रमाणपत्र

Qutub Ansari / Tue, Mar 11, 2025 / Post views : 97

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कुतुब अंसारी

बहराइच l नानपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह देवीपाटन मंडल में इस वित्तीय वर्ष की पहली  सीएचसी बन गई है जिसे इंटरनेशनल क्वालिटी एश्योरेंस (इंक्वास) प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि स्थानीय मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी और पूरे मंडल के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए एक प्रेरणा बनेगी।

तीन दिवसीय मूल्यांकन के बाद मिला प्रमाणपत्र- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि नानपारा सीएचसी को यह प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गठित नेशनल हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर (NHSRC) की टीम के तीन दिवसीय मूल्यांकन के बाद प्रदान किया गया। विगत 6, 7 और 8 फरवरी को टीम ने अस्पताल के 11 विभागों की सेवाओं का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की देखभाल, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चेकलिस्ट के आधार पर जांचा गया। और 11 मार्च को आए मूल्यांकन के परिणाम के आधार पर नानपारा सीएचसी को इंक्वास प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया।

क्या है इंक्वास प्रमाणपत्र?-

डिस्ट्रिक्ट कंसल्टेंट क्वालिटी एश्योरेंस डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि इंक्वास प्रमाणपत्र एक अंतरराष्ट्रीय मानक है, जो अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को उनकी चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और प्रबंधन प्रणाली के आधार पर प्रदान किया जाता है। इसे प्राप्त करने के लिए किसी भी संस्थान को रोगी देखभाल, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, उपकरणों की उपलब्धता और प्रशिक्षित स्टाफ जैसी कई महत्वपूर्ण कसौटियों पर खरा उतरना पड़ता है।

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक और बड़ी सफलता-

सीएचसी अधीक्षक डॉ. सी. बी. राम ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ उठाते हैं। इसके अलावा, यहाँ सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इंक्वास प्रमाणपत्र मिलने के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुव्यवस्थित और उच्च गुणवत्ता वाली हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि यह प्रमाणपत्र तीन वर्षों तक मान्य रहेगा और इसके तहत प्रति बेड 10,000 रुपये के हिसाब से 30 बेड के लिए आर्थिक सहायता भी मिलेगी। इस राशि का उपयोग चिकित्सा सुविधाओं में और सुधार करने तथा आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में किया जाएगा।

स्थानीय लोगों को होगा सीधा लाभ-

डीएचईआईओ बृजेश सिंह ने बताया कि नानपारा सीएचसी को इंक्वास प्रमाणपत्र प्राप्त होने से क्षेत्र के लोगों को अब उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं अपने नजदीक ही मिलेंगी। अब मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।

जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह गर्व की बात है। यह प्रमाणपत्र न केवल नानपारा सीएचसी की प्रतिष्ठा को मजबूत करेगा, बल्कि देवीपाटन मंडल के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को भी अपनी सेवाओं में सुधार करने के लिए प्रेरित करेगा। मोनिका रानी- जिलाधिकारी, बहराइच

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