Qutub Ansari / Mon, May 13, 2024 / Post views : 85
कुतुब अंसारी/अशोक सोनी
बहराइच। यूपी की संसदीय सीट कैसरगंज है, तो ब्राह्मण बाहुल्य पर दूसरे नम्बर पर यहां का दलित व मुस्लिम वोटर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों का खेल भी खराब कर सकते है, जिस पर भाजपा सपा व बसपा प्रत्याशी अपनी निगाहे गढ़ाए बैठे है। वैसे राजनैतिक गलियारे से जो चुनावी बयार बह रही है। उसमे भाजपा प्रत्याशी करन भूषण सिंह का कुनबा अब ब्राह्मण बाहुल्य इलाकों मे सेंध लगाने मे जुट चुका है। तो दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी श्री सिंह के पिता सांसद बृजभूषण शरण सिंह जिन्हे राजनीति का चाणक्य माना जाता है। वो भी अब व्यक्तिकत संबंधों की दुहाई देकर मुस्लिम प्रेम मे सराबोर हो चुका है। यह जरूर है कि मुस्लिम मतदाताओ का रुझान कहा है। अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। सपा प्रत्याशी भगत राम मिश्रा अपने सजातीय ब्रह्माण वोटरों के साथ मुस्लिम यादव वोटरों के सहारे चुनाव मैदान मे है। और अपनी जीत पर पूरी तरह मुतमैन है। रही बात बसपा प्रत्याशी नरेन्द्र पाण्डे की तो वह भी दलित मुस्लिम ब्राह्मण कार्ड कार्ड के सहारे अपनी चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत मे है। लेकिन इस लोकसभा का मतदाता 20 मई को होने वाले चुनाव मे अपना खेला भी करने का मन बना लिया है। वैसे सच पूछो तो भाजपा सपा के इलाकाई नेता प्रत्याशियो की लुटिया डुबोने मे कम भूमिका नही निभा रहे।जिसका एक ही कारण है की प्रत्याशियों को वोटरो से न मिलने देना जो सपा व भाजपा प्रत्याशियों के लिए शुभ संकेत नहीं है। वैसे जानकरो की माने तो इस सीट पर सीधा मुकाबला सपा और भाजपा के बीच टिकता जा रहा है। लेकिन हार जीत के मामले मे बसपा की अहम भूमिका भी कम नहीं आंकी जा रही क्योंकि बसपा का दलित वोट निर्यायक भूमिका में नजर जरूर आ रहा है। वैसे इस सीट का मुस्लिम मतदाताओ का भाजपा प्रेम व कमल निशान से कितना प्रभावित होगा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के व्यक्तिगत संबंधों पर ही निर्भर है। कुल मिलाकर इस सीट पर चुनाव बड़ा ही दिलचस्प होता जा रहा है l परिणाम भी चौकाने वाला ही होगा जिसकी तस्वीर भी साफ दिखाई देने लगी है।
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