रईस खानबहराइच ( मिहींपुरवा )। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के ककरहा रेंज के गौरा पिपरा क्षेत्र में तेंदुए की दहशत खत्म नहीं हो रही है। अब तक कई गांवों में तेंदुआ देखा जा चुका है। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना है वहीं वन विभाग अब तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रहा है। अभी तक वन विभाग में तेंदुआ प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा तक नहीं लगाया है।
तेंदुए के शिकार से जुड़ा ताजा मामला क्षेत्र के गौरा गांव से जुड़ा है। गौरा गांव निवासी सहजराम पुत्र परमेश्वर के घर के बरामदे में उनकी बकरियां बंधी हुई थी। शनिवार की रात गन्ने के खेत से निकलकर तेंदुआ ने घर में घुसकर बकरी का शिकार कर लिया। बकरियों की आवाज सुनकर बरामदे में ही सो रहे सहजराम ने देखा कि तेंदुआ ने एक बकरी का गर्दन मुंह में दबाए हुए हैं। सहजराम ने शोर मचाया और हांका लगाया। जिससे आसपास के लोग लाठी डंडे लेकर आ गये। आहट सुनकर तेंदुआ बकरी को छोड़कर गन्ने के खेत की ओर भाग निकला। ग्रामीणों ने काफी तलाश की लेकिन तेंदुआ फिर दिखाई नहीं दिया। घटना के बाद से ग्रामीणों में दशक का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। ग्रामीणों ने पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
ककरहा रेंज के गौरा पिपरा, लालपुर, चुरवा, भगडिया, खैरी, मच्छरमरवा, गौरा आदि गांवों व नदी के कछार में विगत पांच, छः महीने से तेंदुए का मूवमेंट बना हुआ है। वन विभाग केवल ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। अगर तेंदुआ को पिंजरे में पड़कर दूर जंगल में नहीं छोड़ा जाएगा तो किसी दिन बड़ी घटना घट सकती है।