Qutub Ansari / Sun, May 5, 2024 / Post views : 104
जातीय समीकरण मे सेंघ मारी हुई तो गिरेंगे औंधे मुंह
( अशोक सोनी )
जरवल/बहराइच। 20 मई को कैसरगंज की लोकसभा सीट पर मतदान होना है। यानि 14 दिन शेष बचे जनपद बहराइच की विधान सभा कैसरगंज, पयागपुर, और जनपद गोंडा के कर्नलगंज, कटरा व तरबगंज के लंबे इलाको की परिक्रमा कैसे करेंगे प्रत्याशी ?यही नहीं वोटरो से अपने मन की बात करना भी टेढ़ी खीर से कम नहीं है। इसी लिए भाजपा तो राम के सहारे अपनी चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत लगा रही है।रही बात सपा और बसपा की तो वह जातीय समीकरण का झुनझुना बजा कर बेरोजगारी महंगाई के मुद्दो पर जीत का सेहरा बांधने को आतुर है। लेकिन जातियों मे हुई सेंध लग गई तो प्रत्याशियों का औंधे मुंह गिरना भी तय समझो। बताते चले कैसरगंज लोकसभा सीट ब्राह्मण बाहुल्य जानी जाती है। तभी तो इस सीट पर सपा ने भगतराम मिश्रा को तो दूसरी तरफ बसपा ने नरेन्द्र पाण्डे को चुनावी अखाड़े मे उतारा है l रही बात भाजपा की तो वह कैसरगंज लोकसभा सीट के तीन बार रह चुके बाहुबली ही नही धनबली सांसद बृजभूषण शरण सिंह के छोटे पुत्र करण भूषण सिंह चुनावी अखाड़े मे है जिन्हे सांसद बृजभूषण शरण सिंह अपनी राजनैतिक विरासत देना चाहते है यही कारण है कि करण भूषण l सिंह की चुनावी वैतरणी पार करवाने के लिए पूरी ऊर्जा लगा बैठे है। बताते चले इस सीट पर ब्राह्मण मतदाता 20 %, दलित 18%, मुस्लिम 18%, क्षत्रिय 10%, यादव 12%, निषाद 9%, कुर्मी 7%, तकरीबन बताए जा रहे है। तभी तो बसपा ने दलित ब्राह्मण और मुस्लिम यानि 56% की चुनावी गाणित के फार्मुले पर ब्राह्मण प्रत्याशी पर एक बार फिर भरोसा किया है। तो इसी फार्मूले पर सपा ने भी ब्राह्मण प्रत्याशी को उतार कर चमत्कार करने के मूड मे है l पर वोटरो की चुप्पी और वोट के लिए "नो कमेंट कहना" भी कुछ करिश्मा जरूर करेगा का भी संकेत दे रहा है जिसके लिए प्रत्याशियों को सतर्क रहने की जरूरत भी है।
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