Qutub Ansari / Mon, Sep 2, 2024 / Post views : 84
जरवल/बहराइच। विख्यात सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी एवं जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सन्त पंकज जी महाराज जनजागरण यात्रा के साथ जरवल विकास खण्ड के ग्राम अट्ठाइसा पहुंचे जहां पर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। सत्संग समारोह में अपने प्रवचन में संस्थाध्यक्ष ने कहा जन्म-जन्मान्तरों के पुण्य से परमात्मा ने आप को यह मनुष्य शरीर दे दिया। सौभाग्य से यह वक्त का सबसे बड़ा वरदान है।अबकी बार आपको मौका मिल गया है समय रहते हुए अपनी आत्मा के कल्याण के लिये थोड़ा बहुत विचार करना। वर्ना जीवन का समय निकलता जा रहा है। ‘‘मिली नर देह यह तुमको, बनाओ काज कुछ अपना, पचो मत आय यहि जग में जानियो रैन का सुपना।।’’ सन्त जी महराज ने कहा जैसे रात में हम स्वप्न देखते हैं वह सच मालूम पड़ता है परन्तु जब हमारी आंखें खुलती हैं तो यह पता चलता है कि वह तो स्वप्न था। सच नहीं, भ्रम है। ठीक उसी प्रकार से यह दुनियां भी दस-बीस, सौ साल का स्वप्न है। जिस दिन मौत का वक्त आयेगा आप रोओगे, हाय, हाय करके चिल्लाओगे कि हाय हमने सारी जिन्दगी स्वप्न में गुजार दी। जागने का समय तो अभी आया था, जो कुछ करना था अभी करना था लेकिन अब पछताये होत क्या जब चिड़िया चुंग गई खेत। शरीर भी आपका नहीं, ये काल का पिंजरा है, किराये का मकान है। जितनी श्वांसे उस मालिक ने बख्शी हैं, उसे भुगतने के बाद में हमें शरीर को यहीं छोड़ के जाना। जिस वक्त यह श्वांसों का भण्डार खाली होगा, टेलीफोन खड़क जायेंगे, सब रिश्तेदार मिलने वाले जल्दी से इक्ट्ठा हो जायेंगे और कंधे पर लाद कर श्मशान भूमि पर छोड़कर आ जायेंगे। कोई चैबीस घण्टे भी आपके शरीर को घर में रखने को तैयार नहीं होगा और जीवात्मा को यमदूत ले जाकर धर्मराज के दरबार में पेश कर देंगे। वहां आपके अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब होगा और नर्कों, चैरासी की योनियों की सजा सुना दी जायेगी। वहां आपका कौन रक्षक होगा। जीवात्मा की कौन गवाही देगा क्योंकि आपने जीवन में ऐसा कोई साथी नहीं बनाया जो धर्मराज के दरबार में आपकी रक्षा, संभाल कर सके। वह तो संत सत्गुरु ही होते हैं। हमारे गुरु महाराज बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ‘जयगुरुदेव’ नाम का जहाज लगा कर गये और कहा कि दुनियां के जीव एक साथ यदि इस जहाज पर चढ़ जांये तो भी यह जयगुरुदेव नाम सबको पार कर देगा। महाराज जी ने नामदान देकर सुमिरन, ध्यान, भजन की विधि समझाया भी तथा कहा यह रास्ता सच्चा है, करोगे तो निश्चय ही एक दिन गुरु की दया का अनुभव आपको होगा। उन्होंने कहा अशुद्ध खान-पान के कारण मनुष्य में हिंसा, अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है। युवा देश के भविष्य व पूंजी हैं। इनको शराब जैसे दुव्र्यसनों से मुक्त करना और अच्छे संस्कार डालना समय की आवश्यकता है। मनुष्य शाकाहारी प्राणी है। समाज के अगुवाकारों, समाज सेवियों, बुद्धिजीवियों से अपील है कि वे समाज को शाकाहारी-सदाचारी व नशामुक्त बनाने में सहयोग करें ताकि अच्छे समाज का निर्माण हो सके।
जाते-जाते सन्त ने दिया भक्तो को निमंत्रण
जरवल। उन्होंने आगामी 8 से 12 दिस. तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में आयोजित होने वाले दादा गुरु जी के वार्षिक भण्डारा में आने का निमन्त्रण दिया तथा बताया कि मथुरा में वरदानी जयगुरुदेव मन्दिर बना है जहां बुराईयां चढ़ाने पर मनोकामना की पूर्ति होती है। जिला-इटावा उ.प्र. में तह. भरथना के गांव खितौरा धाम में बाबा जी की पावन जन्मभूमि है यहां पर भी भव्य वरदानी मन्दिर बना है। यहाँ सभी सम्प्रदायों के लोग आते हैं। महाराज जी ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रा. पर्यवेक्षक रामचन्द्र यादव, जिलाध्यक्ष संगत बहराइच रमाकान्त चैहान, ब्लाक अध्यक्ष रामधनी चैहान, आदि हजारों भक्त मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन