Qutub Ansari / Tue, Mar 11, 2025 / Post views : 100
बहराइच l अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जरवल में परिवार नियोजन परामर्श एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से मोबियस फाउंडेशन के वित्तीय समर्थन और पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित उम्मीद परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।
शिविर का उद्घाटन जिला स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.के. सिंह, डीपीएम सरजू खान और सीएचसी अधीक्षक डॉ. कुंवर रीतेश ने किया। इस अवसर पर डॉ. रीतेश ने परिवार नियोजन सेवाओं के बेहतर प्रबंधन में उम्मीद परियोजना के योगदान को रेखांकित किया।
बृजेश सिंह ने महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा, "महिलाएँ आज हर क्षेत्र में आगे हैं। उन्हें अपने स्वास्थ्य और अधिकारों के प्रति जागरूक रहना होगा। परिवार नियोजन अपनाकर वे अपने और अपने परिवार के बेहतर भविष्य की नींव रख सकती हैं।" उन्होंने लिंग भेद और भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों को समाप्त करने पर भी जोर दिया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि "परिवार नियोजन का उद्देश्य सही उम्र (20 वर्ष के बाद) में संतान जन्म और दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है।" डीपीएम सरजू खान ने कहा कि आज परिवार नियोजन के कई आधुनिक साधन उपलब्ध हैं, जिनका चयन 'बास्केट ऑफ चॉइस' के तहत किया जा सकता है।
मोबियस फाउंडेशन के प्रतिनिधि प्रभात कुमार ने पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग में परिवार नियोजन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
शिविर में 370 से अधिक महिलाओं, पुरुषों और नवविवाहित जोड़ों ने पंजीकरण कराया। इसके अतिरिक्त, कई नए लाभार्थियों को परिवार नियोजन सेवाओं से जोड़ा गया। 15 लाभार्थियों, जिन्होंने परिवार नियोजन के विभिन्न साधन अपनाए थे (जिनमें 3 IUCD, 3 अंतरा, 3 छाया, 3 महिला नसबंदी और 3 NSV लाभार्थी शामिल थे), को सम्मानित किया गया। साथ ही, सीएचसी अधीक्षक ने उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को भी पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर महिला चिकित्सक, आशा कार्यकर्ता, एएनएम, पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अजय शुक्ल, डॉ. साफिया जमीर, रामबरन यादव और बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित थीं।
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