कृष्णा पाण्डे मिहींपुरवा/बहराइच। विकासखंड मिहींपुरवा अंतर्गत चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज नदी उफान पर है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बरसात के कारण घाघरा नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे नदी से प्रभावित इलाकों में बाढ़ आ गई है। ग्राम पंचायत जंगल गुलहरिया पुरी तरह से जलमग्न है तो वहीं इस बार की बाढ़ ने ऐसा विकराल रूप लिया है जिसमे ग्राम पंचायत सुजौली के कई ग्राम जलमग्न हो गए है। चहलवा, बरखड़िया ग्राम पंचायतों मे भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विकासखंड मिहींपुरवा में संभावित बाढ़ के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट मोड पर है। उपजिलाधिकारी संजय कुमार तहसीलदार मोतीपुर, कानूनगो के. के श्रीवास्तव, लेखपाल अरुण कुमार, रवि कुमार ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर सतर्क नजर आए। उपजिलाधिकारी मोतीपुर के साथ ग्राम प्रधान सुजौली राजेश गुप्ता और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिवकुमार निषाद ने ग्रामीणों के लिए खाने व रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की साथ ही बाढ़ पीड़ितों के रेस्क्यू का कार्य शुरू है जिन्हे सुरक्षित रखने हेतु सेंटर भी बनाए गए है। ग्राम प्रधान सुजौली व मंडल अध्यक्ष भाजपा राजेश गुप्ता और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिवकुमार निषाद द्वारा अपने ग्रामीणों के लिए लगातार अथक प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम प्रधान सुजौली राजेश गुप्ता ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए सुजौली पंचायत भवन मे रहने व खाने की उचित व्यवस्था की गई है। मटेही गुरुदवारे द्वारा लगभग 1 हजार लंच पैकेट का सहयोग किया गया। पंजाब सिंह, हरपाल सिंह, गुरुवंत सिंह, जगप्रीत सिंह, लखविंदर सिंह, अनूप सिंह, मानिंदर सिंह, जसवीर सिंह, गुरुप्रताप सिंह व ग्राम प्रधान मटेही व रमपुरवा मौजूद रहे। श्रीरामपुरवा निवासी कुषमावती पत्नी संतोष मौर्या व एक अन्य की अचानक तबियत खराब होने की सूचना मिलते ही नाव की व्यवस्था कर उनको इलाज के लिए लाया गया।