Qutub Ansari / Tue, Jul 30, 2024 / Post views : 95
जरवल/बहराइच। विश्व जनसंख्या दिवस का थीम “माँ और बच्चे की भलाई के लिए गर्भधारण का स्वस्थ समय और अंतराल” तथा स्लोगन “विकसित भारत की नई पहचान, परिवार नियोजन हर दंपत्ति की शान” है l इस परिप्रेक्ष्य में जनसंख्या पखवाड़ा के अंतर्गत जरवल के ग्राम पंचायत करनई में स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इसी क्रम में पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इण्डिया उत्तर प्रदेश में परिवार नियोजन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु बहराइच जिले के जरवल ब्लॉक के सभी 121 गाँवों में मोबिअस फाउंडेशन के वित्तीय सहयोग से उम्मीद परियोजना का संचालन कर रही है। जिसका मुख्य उद्देश्य जनसमुदाय में परिवार नियोजन सम्बन्धी जागरूकता एवं स्वीकार्यता को बढ़ावा देना,महिलाओं के साथ ग्रुप मीटिंग, लक्षित दम्पत्तियों के साथ गृह भ्रमण द्वारा सम्पर्क, वीएचएसएनडी में आशा एवं एएनएम को सहयोग, वीएचएसएनसी सदस्यों का परिवार नियोजन में जुड़ाव, समुदाय के साथ विवाह की सही उम्र एवं लिंग आधारित भेदभाव जैसे विषयों पर जनजागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री बृजेश सिंह, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जरवल ने परिवार नियोजन के महत्व को बताते हुए कहा कि जब परिवार सीमित रहेगा, तभी परिवार में पूरी खुशियाँ मिलेंगी, इसके लिए लड़कियों का साक्षर होना भी उतना ही आवश्यक है, जितना की लड़कों का।मेले में उपस्थित श्री प्रभात कुमार,प्रतिनिधि मोबिअस फाउंडेशन ने कहा कि परिवार नियोजन में महिलाओं के साथ पुरुषों की भी समान भूमिका है, इस समय पुरुष नसबंदी पखवाड़ा चल रहा है l एलइस पखवाड़े का लाभ उठाकर पुरुष अपनी नसबंदी करा सकते है जिसके लिए सरकार द्वारा 3000 रुपया प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले का आकड़ा एनएफएचएस-5 देखने पर पता चलता है कि 37.5% लडकियों की शादी 18 वर्ष से पहले ही हो जाती है, जबकि राज्य का औसत 15.8% है। कम उम्र में विवाह से कई नकारात्मक प्रभाव होते है,जिसके कारण जल्दी विवाह से जल्दी माँ बनने का दबाव भी होता है, जिसके कारण माँ और बच्चे दोनों के जान का खतरा होता है।इसी क्रम में श्री जितेन्द्र सिंह, मिशन मैनेजर, यू.पी.एस.आर.एल.एम. ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए परिवार नियोजन में युवाओं, पुरुषों एवं नवदम्पत्तियों की भागदारी हेतु प्रोत्साहित करते हुए इनके महत्वपूर्ण भूमिका को सम्बोधित किया। अपने संबोधन मे कहा आज पर्यावरण में तेजी से बदलाव आ रहा है और संसाधन भी सीमित हो रहे है, इसका उपयोग सही एवं पूर्ण होना आवश्यक है, इसमें संतुलन बनाये रखने के लिए परिवार नियोजन जैसे कार्यक्रमों की मुख्य भूमिका है। मेंले में विभिन्न विभागों के स्टाल के साथ साथ पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इण्डिया द्वारा उम्मीद परियोजना के अंतर्गत परिवार नियोजन व् किशोर स्वास्थ्य के साथ खेलो और जीतो स्टाल के माध्यम से स्वास्थ्य जाँच और जानकारियाँ दी गयी और विजेताओं को उनको गिफ्ट भी दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन