बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य के लिए सक्रिय रहा प्रशासनअपने हाथों से तोड़ रहे हैं ग्रामीण अपना आशियानारईस खान मिहींपुरवा/बहराइच l पिछले दिनों तराई क्षेत्र सहित पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश से नदिया ऊफान पर हैं । घाघरा नदी में आई बाढ़ से मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के सुजौली, चहलवा, जंगल गुलरिया, गिरगिट्टी व माजरा सहित पांच गांव पूर्ण रूप से बाढ़ की चपेट में है । गिरजा बैराज तथा सरयू बैराज के सभी गेट खुले होने के कारण डाउनस्ट्रीम की तरफ बसे लगभग दो दर्जन से ज्यादा गांव भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं । करमोहना, पुरैनारघुनाथ अस्सीपुरवा, सर्राकला, पड़रिया, चंदनपुर, बढ़ैया, जालिम नगर, सुमईगौढी,गिरगिट्टी, मनगौडिया सहित लगभग दो दर्जन गांवों की हजारों बीघा फसल बाढ़ से जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत व बचाव कार्य के लिए मिहींपुरवा तहसील प्रशासन व विकास विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर राहत कार्य में लगी हुई है । लेकिन भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों के सामने गंभीर समस्या उत्पन्न कर दी है । बाढ़ कटान से प्रभावित अस्सीपुरवा निवासियों के मकान काटकर नदी में गिर रहे हैं तथा ग्रामीण अपने हाथों से अपना मकान तोड़ने के लिए मजबूर हैं। बाढ़ की समस्या के संबंध में पूछे जाने उप जिलाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार की शाम से घाघरा का जलस्तर बढ़ने लगा था । शुक्रवार की शाम से शनिवार की सुबह 9 बजे तक तीन लाख 69 हजार 492 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था । लेकिन शनिवार की सुबह 10 बजे से जलस्तर घटने लगा जिसके बाद गाँव में बाढ़ का पानी धीरे धीरे कम होने लगा । बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य के लिए तहसीलदार अम्बिका चौधरी, नायब तहसीलदार हर्षित पांडे व राजदीप यादव खंड विकास अधिकारी अजीत कुमार सिंह सहित राजस्व व विकास विभाग की टीम अलग- अलग क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए लगी हुई है । प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां बनाई जाने के साथ-साथ पीड़ितों को भोजन की व्यवस्था भी कराई गई है । इसके लिए प्रभावित ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी व खाद्य पूर्ति विभाग द्वारा भोजन बनाकर वितरण करने की व्यवस्था की जा रही है।