एम अरशदरुपईडीहा/बहराइच। सरस्वती विद्या मंदिर, रुपईडीहा में भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ के सहयोग से 15 दिवसीय नृत्य एवं गायन कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला के दूसरे दिन 83 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को शास्त्रीय व लोक कला की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के बच्चों में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना और उनकी प्रतिभा को निखारना है। विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय संस्थाओं का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाओं के आयोजन की योजना है।