कुतुब अंसारी/शकील अंसारी
बहराइच l भारत नेपाल सीमा वर्ती क्षेत्र की 56 लोकसभा बहराइच की जैसे-जैसे चुनावी तिथि नजदीक आ रही है राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, वहीं दूसरी ओर मतदाताओं की चुप्पी के चलते प्रत्याशियों के दिल की धड़कनें बढ़ गई हैं l इस बार मोदी लहर पर भी मतदाताओं के बीच चर्चा सुनाई नहीं पड़ रही l पूरा चुनाव जातीय समीकरण पर होना तय माना जा रहा है।
56 लोकसभा में पांच विधान सभाऐ है जिनमे बलहा , नानपारा, मटेरा, महसी एवं बहराइच सदर सीट आती है। इस लोकसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 1825673 है इनमें 8 63058 महिला एवं 962553 पुरुष मतदाता हैं l इतने मतदाताओं में दलित और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है l सभी प्रत्याशियों की निगाहें विशेष कर दलित मतदाताओं पर टिकी हुई हैं l बहराइच संसदीय सीट पर कुल 10 प्रत्याशी चुनावी समर में अपनी ताल ठोक रहे हैं और सभी जीत का दावा कर रहे हैं इनमें मुख्य रूप से एनडीए भाजपा - इंडिया गठबंधन सपा प्रत्याशी के बीच मुख्य मुकाबला होने की संभावना है l पिछले दो चुनाव 20 14 और 20 19 में यहां पर भाजपा का कमल खिला था 2014 में सुश्री सावित्रीबाई फुले और 2019 में अक्षयवर लाल गौड़ यहां से सांसद चुने गए l वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी ने परिवारवाद को दरकिनार करते हुए सांसद अक्षयवरलाल गौड़ के पुत्र डॉक्टर आनंद गौड़ को यहां का प्रत्याशी बनाया है l भाजपा प्रत्याशी ने पूरे लोकसभा में व्यापक प्रसार प्रचार किया है l अनेक जनसभाएं की हैं l भाजपा प्रत्याशी मोदी के काम के आधार पर वोट मांग रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जिले में दो सभाएं हो चुकी हैं l उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने भी सभा की है ।
दूसरी ओर इंडिया गठबंधन की ओर से पूर्व विधायक रमेश गौतम सपा प्रत्याशी हैं रमेश गौतम भी चुनाव प्रचार के दौरान गांव-गांव घर-घर जाकर प्रचार किए हैं l जिलेभर में अनेक सभाएं करके इंडिया गठबंधन के घोषणा पत्र /न्याय पत्र के आधार पर लोगों से सहयोग मांगा है l इंडिया गठबंधन प्रत्याशी को कांग्रेस का परंपरागत वोट सपा का परंपरागत वोट के अलावा दलित समाज के लोगों का समर्थन प्राप्त है । रमेश गौतम गरीबों दलितों के दिल में स्थान बना चुके हैं l उनके समर्थन में सपा मुखिया अखिलेश यादव भी सभा करके अपील कर चुके हैं।
बहुजन समाज पार्टी की ओर से प्रोफेसर बृजेश कुमार चुनाव मैदान में है जो गांव गांव जाकर अपने प्रचार में जुटे हुए हैं परंतु बसपा अभी चुनावी मुख्य भूमिका मुख्य मुकाबले में नहीं दिखाई पड़ रही है।
कुल मिलाकर इंडिया गठबंधन और एनडीए प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर होने की संभावना है बहराइच का ताज किसके सर होगा यह समय ही बताएगा।
*लोकसभा बहराइच का इतिहास*
वर्ष 1971 में यहां कांग्रेस के पंडित बदलू राम शुक्ला विजय हुए थे
वर्ष 1977 में लोक दल के ओमप्रकाश त्यागी विजय हुए थे
वर्ष 1980 में कांग्रेस के मौलाना मुजफ्फर हुसैन विजय हुए थे
वर्ष 1984 में कांग्रेस के आरिफ मोहम्मद खान विजय हुए थे
वर्ष 1989 में जनता दल से आरिफ मोहम्मद खान विजय हुए
थे ।
वर्ष 1991 में रुद्रसेना चौधरी भाजपा से विजय हुए थे
वर्ष 1996 में पदम सेन चौधरी भाजपा से विजय हुए थे
वर्ष 1999 में पदम सेन चौधरी भाजपा से विजय हुए थे
वर्ष 2004 में सपा से रुबाब सईदा विजय हुईं।
वर्ष 2009 में कांग्रेस से कमल किशोर विजय हुए थे।
वर्ष 2014 में सावित्रीबाई फुले भाजपा से विजय हुई थी
वर्ष 2019 में भाजपा से वर्तमान सांसद अक्ष्यवार लाल गोंड विजय हुए।