( अशोक सोनी )
बहराइच। दबदबा था है और रहेगा भले ही ये डायलाग किसी नेता के हो पर कैसरगंज लोक सभा सीट पर किसका दबदबा रहेगा फिलहाल भविष्य के गर्भ मे ही है। बताते चलें कैसरगंज हाट सीट पर कैसरगंज के दबंग सांसद बृजभूषण शरण सिंह के छोटे पुत्र करण भूषण सिंह पर भाजपा ने नामांकन के अन्तिम दौर मे भरोसा जाता कर उनके नाम का ठप्पा लगाते ही की भनक लगते ही सपा व बसपा ने इस लोकसभा सीट से अपना पत्ता खोल दिया है। जिसमे सपा से भगत राम मिश्रा व बसपा से नरेंद्र पाण्डे के नाम पर मोहर लग चुकी है कि इस सीट से चुनाव मैदान मे है। पर ये सीट ब्राह्मण बाहुल्य होने के बावजूद भी क्या हाथी व साईकिल का ब्राह्मण मतदाताओं पर इनका जादू चल भी पाएगा l एक बड़ा सवाल खास कर मुस्लिम वोटरो के इर्द गिर्द घूम रहा है जिसका एक ही कारण है जो शब्द कोष मे बाहरी प्रत्याशी होना रहा है l वोटरो मे चैन से बैठने भी नही दे रहा। वैसे जो भी हो सपा व बसपा ने ब्राह्मण प्रत्याशियों पर जिस तरह से भरोसा जताया है लोगो ने दबीं जुबान से कहना भी शुरू कर दिया है कि मैनेज का खेल है।