..क्या नेता जी का टिकट पक्का ?
( अशोक सोनी )
बहराइच। कैसरगंज लोकसभा से बृजभूषण शरण सिंह भाजपा से सांसद जरूर है।पर भाजपा संगठन के शीर्ष नेताओं ने अभी तक इस लोकसभा सीट से कोई भी प्रत्याशी न उतार कर जो खेल खेल रही है, पार्टी के लिए शुभ संकेत तो नहीं है। भाजपा के इस मंथन को देखते हुए गैर भाजपा की पार्टियों ने भी अपना पत्ता नही खोला है। जानकारों की माने तो वर्ष 1977 में भारतीय लोक दल के रुद्रसेन चौधरी यहां के सांसद बने, इसके बाद वर्ष 1980 में राणा वीर सिंह कांग्रेस से विजय हुए, वर्ष 1984 में लोक दल के बेनी प्रसाद वर्मा को हरा कर कांग्रेस से दोबारा राणावीर सिंह सांसद बनाए गए l इसी तरह वर्ष 1989 मे राम लहर मे भाजपा के रुद्रसेन चौधरी यहां के सांसद हुए इसी तरह वर्ष 1991 मे भाजपा से लक्ष्मी नारायण मणि त्रिपाठी चुनाव जीत गए l वर्ष 1996 में मुलायम सिंह यादव के गरीबी समझे जाने वाले बेनी प्रसाद वर्मा सपा के सांसद बने, वर्ष 1998 में जिसमें सपा के बेनी प्रसाद वर्मा दोबारा सांसद चुन लिया गए I इसी तरह वर्ष 1999 में सपा के बेनी प्रसाद वर्मा तीसरी बार और 2004 में सपा से बेनी प्रसाद वर्मा ने अपनी जीत बरकरार रखा और चौथी बार भी सांसद बने। लेकिन 2009 के परिसीमन के बाद क्षेत्र में काफी बदलाव हुआ और सपा से बृजभूषण शरण सिंह मैदान में आ गए और भाजपा प्रत्याशी को पटखनी दे दिए, इसके बाद 2014 में बृजभूषण शरण सिंह भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ा और यहां पर दोबारा इस सीट पर अपना कद बढ़ाने में कामयाब हुए l वर्ष 2019 में भाजपा प्रत्याशी बृजभूषण शरण सिंह का चुनाव एक तरफ हो गया और वह जीत गए। वैसे अभी तक सपा और कांग्रेस गठबंधन से भी कोई प्रत्याशी चुनावी अखाड़े में नहीं कूदा है, जिससे चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। वैसे भाजपा संघटन के शीर्षओ मे क्या मंथन चल रहा है इसके बावजूद भी सांसद बृज भूषण शरण सिंह के करीबियों का कहना है की नेता जी का ही टिकट पक्का है। वैसे राजनैतिक गलियारों से जानकारो का कहना है कि सपा कांग्रेस गंठबंधन से तभी पत्ता खुलेगा जब भाजपा अपना पत्ता खोल देगी। वैसे जो भी हो पर किसी भी राजनैतिक पार्टियों के प्रत्याशियों के न आने से लोग फिलहाल तरह तरह के कयास ही लगा रहे है।जब कि आचार संहिता भी लागू हो चुकी है।