Qutub Ansari / Sat, May 4, 2024 / Post views : 101
बहराइच/जरवल। गुड भरी हसिया की कहावत पहले चरितार्थ हुई फिर भाजपा मे टिकट को लेकर काफी संसय रहा l अब खुद कैसरगंज लोकसभा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह इस लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी अपने छोटे बेटे करण भूषण सिंह के चुनावी संग्राम मे सारथी की भूमिका में नजर आ रहे हैं। रही बात सपा प्रत्याशी भगत राम मिश्रा व बसपा प्रत्याशी नरेंद्र पाण्डे की तो इस ब्राह्मण बाहुल्य मतदाताओं मे भी अपने जादू की छड़ी से वोटरों पर सम्मोहन फिलहाल नहीं कर पा रहे है। जिससे इस सीट पर एक बार फिर कमल खिलने की तस्वीर दिखाई पड़ने लगी है।बताते चले 20 मई को इस सीट पर होने वाले मतदान का समय भी कम है l ऐसे मे सपा और बसपा के दोनो ब्राह्मण प्रत्याशी क्या ब्राह्मणों के वोटरो के बीच जनेऊ का वास्ता देने में कामयाब हो पाएगे ? दूसरा सवाल क्या मुस्लिम मतदाता हाथी व साईकिल की सवारी करेगा या बटेगा एक यक्ष प्रश्न भी बन चुका है ? रही बात दलित व यादव वोटरो का तो यह भी कुछ करिश्मा करने के ही मूड मे जरूर दिखाई पड़ रहा है। वैसे ये पब्लिक है सब जानती है कि ऊट किस करवट बैठने वाला है फिलहाल अभी तो भविष्य के गर्भ मे ही है। वैसे घायल हुए शेर को अब शिकार कैसे करना है की चुनावी चौसर भी बिछा दी गई है जिसमे शय व मात का खेल भी शुरू है। वैसे राजनैतिक गलियारों की बात करे तो इस सीट से भाजपा प्रत्याशी करण भूषण सिंह के पिता सांसद बृज भूषण शरण सिंह को यदि राजनीति का चाडक्य कहा जाय तो अतिश्योक्ति भी नही है l क्योंकि राजनीति के गलियारों मे उनका नफा नुकसान का भी कम अनुभव नहीं है। तभी तो कब किसे कैसे मैनेज करना है वो भली भांति जानते है। यही कारण है कि अपने छोटे बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज लोकसभा से चुनाव में उतार कर उनकी ताजपोशी करने के लिए चुनावी रथ पर सारथी की भूमिका निभा कर शंखनाद रहे है l सांसद बृजभूषण लेकिन वोटरो की खामोशी और आने वाले चुनावी परिणाम मे जनता क्या फ़ैसला लेती है अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
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