( अशोक सोनी )
जरवल/बहराइच। महाशिवरात्रि के अवसर पर जरवल ही नहीं पास पड़ोस के ग्रामीण क्षेत्रों में जरवल रोड कैसरगंज मे भी शिवालियों पर शिव भक्तों की काफी भीड़ दिखाई पडी लोग कतारबद्ध होकर पर भांग व धतूरे के साथ शिव लिंग की पूजा अर्चना की तथा बोल बम का जयकारा भी लगाया बताते चले फागुन माह के चतुर्दशी को माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था इस दिन भगवान शिव एक बैंराग जीवन छोड़कर ग्रहस्त जीवन में प्रवेश किया था शिव और शक्ति के मिलन के उत्सव के तौर पर महाशिवरात्रि के दिन भक्ति पूजन और व्रत करके इस उत्सव को मानते हैं। दूसरी कथा के अनुसार माना जाता है कि इस दिन शिव जी का प्राकट्य हुआ था इसके अलावा शिवजी का विवाह भी इस दिन माना जाता है l इस दिन महादेव के उपासना से व्यक्ति को जीवन में संपूर्ण सुख प्राप्त हो जाता है। तीसरी कथा के अनुसार हर मांह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि मनाई जाती है पर फागुन मांह में पढ़ने वाले शिवरात्रि को महाशिवरात्रि भी कहा जाता है। बताते चले महाशिवरात्रि के पवन पर्व पर जरवल के अग्रवाल मोहल्ला स्थित प्राचीन शिव मंदिर व बाबा खाकी दास मंदिर के करीब शिवालय पर प्रातः काल से ही काफी नर नारियों ने बोलबम का जयघोष कर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा भांग गांजा धतूरा रोली अक्षत चावल पुष्प आदि अर्पित किया। जिससे हर तरफ लोगो को नजारा भी शिवमय दिखा। बताते चले सुबह से ही शिव मंदिरों के ईद गिर्द पुलिस जवानों के बूटो की आवाज भी सुनाई पड़ी निकाय प्रशासन द्वारा सभी मठ मंदिरों के पास साफ सफाई का विशेष इंतजाम किया गया।