( संतोष मिश्रा )बहराइच। कैलाश रमोला कमांडेंट के नेतृत्व में 59वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल नानपारा परिसर में "कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम के विषय पर कार्यशाला का आयोजन कराया गया। जिसमे उप निरीक्षक (सामान्य) प्रियंका शर्मा द्वारा वाहिनी के बलकार्मिक एवं महिला बलकर्मियों को यौन उत्पीड़न अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपनिरीक्षक (सामान्य) प्रियंका शर्मा ने बलकार्मिक एवं महिला बलकर्मियों को अवगत कराया कि यह अधिनियम लोकसभा में 3 सितम्बर 2012 तथा राज्यसभा में 26 फरवरी 2013 को पारित हुआ और 23 अप्रैल 2013 को इसे अधिसूचित किया गया। यह अधिनियम इस बात को वैधता प्रदान करता है कि यौन उत्पीड़न के चलते संविधान के अनुच्छेद 14-15 एवं 21 के तहत महिलाओं को हासिल समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है इन अनुच्छेदों के अंतर्गत न्याय के समक्ष समानता का प्रावधान किया गया है तथा धर्म, जाति, नस्ल, लिंग और जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध किया गया है जिससे कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करता है और यौन उत्पीड़न रोकथाम और निवारण का प्रावधान करता है। इस कार्यक्रम के दौरान शक्ति सिंह ठाकुर द्वितीय कमान अधिकारी, हिमांशु दुबे उप कमांडेंट उप निरीक्षक (संचार) रवि कुमार के साथ 59वीं वाहिनी के समस्त बलकार्मिक एवं महिला कार्मिक उपस्थित रहे।